आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना 2019

Ayushman Bharat Mahatma Gandhi Rajasthan Health Scheme 2019 आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना Rajasthan implement t... thumbnail 1 summary
Ayushman Bharat Mahatma Gandhi Rajasthan Health Scheme 2019 आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना Rajasthan implement the Ayushman Bharat आयुष्मान भारत योजना सूची 2019

आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना 2019

  • भामाशाह स्वास्थ्य योजना को बंद करने का फैसला

    राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी

    आयुष्मान भारत योजना का नाम बदलकर होगा लागू

The Ayushman Bharat Yojana in Rajasthan will come into effect from 1st September next month. After integration with the state's Bhamshah Health Insurance Scheme, the scheme will now be named 'Ayushman Bharat-Mahatma Gandhi Rajasthan Health Insurance Scheme'. The decision was taken at a high-level meeting chaired by Chief Minister Ashok Gehlot on Wednesday.



The Chief Minister said that the implementation of the scheme will increase the number of beneficiaries of health insurance scheme in the state and will enable them to get more treatment.

He said the state government is committed to give 'right to health' to the common man and the integration of the state's health insurance scheme with Ayushman India is a step in this direction.

According to the statement, Gehlot said that after the new scheme, the number of beneficiary households in the state will increase from about one crore households to over one crore households of the currently operated Bhamashah Health Insurance Scheme.

He said, there are complaints of a number of malpractices in the Bhamashah scheme which will be addressed properly in the new scheme. For this, provisions for better use of IT as well as stringent action against the guilty persons, including the personnel of the respective hospitals and insurance company, will be proposed.

Medical and Health Minister Raghu Sharma, Chief Secretary DB Gupta and other officials were present at the meeting.
राजस्थान सरकार ने एक तीर से दो निशान साधे हैं. वसुंधरा सरकार के दौरान लागू हुई सबसे बड़ी भामाशाह स्वास्थ्य योजना बंद करने का फैसला किया है. इसे बंद करने के पीछे तर्क दिया गया है कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी, मगर गहलोत सरकार ने राजस्थान में लागू होने वाली केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का नाम बदल दिया है.
राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना का नाम बदलते हुए आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना कर दिया है. सत्ता में आने के बाद से ही गहलोत सरकार वसुंधरा राजे के सबसे बड़ी योजना भामाशाह स्वास्थ्य योजना को बंद करना चाहती थी, मगर इसकी लोकप्रियता को देखते हुए फैसला नहीं लिया जा रहा था.
गौरतलब है कि बीजेपी शासन के दौरान वसुंधरा राजे ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को ये कहकर लागू करने से मना कर दिया था कि भामाशाह योजना में ज्यादा लोग कवर होते हैं, जबकि आयुष्मान भारत योजना लागू करने पर बहुत लोग इसके दायरे से बाहर आ जाएंगे.
जब कांग्रेस की सरकार राजस्थान में आई तो आयुष्मान भारत योजना का कार्ड पोस्ट ऑफिस के जरिए लोगों के घर तक भेजा जाने लगा. कांग्रेस की तरफ से कहा गया था कि इसका राजनीतिक इस्तेमाल हम नहीं करने देंगे. मगर अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोनों से निपटने का रास्ता निकाल लिया है और राज्य में 1 सितंबर से भामाशाह योजना बंद कर उसकी जगह आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना लागू करने का ऐलान किया है.
वहीं राजस्थान चिकित्सा मंत्री, डॉ. रघु शर्मा ने बताया, "इस नाम से यह काम राजस्थान में 1 सितंबर से प्रारंभ होगा. करीब एक करोड़ 10 लाख परिवार इसमें लाभान्वित होंगे और मैं समझता हूं कि विभाग की तैयारी हो चुकी है. यह राजस्थान की अवाम के लिए एक बहुत बड़ा फैसला है."
गौरतलब है कि चुनाव के दौरान स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने भरी सभा में कहा था कि कांग्रेस सत्ता में आई तो वसुंधरा राजे की बनाई स्वास्थ्य कार्ड भामाशाह को तोड़ देगी. इसे लेकर बीजेपी ने की धमकी दी थी कि कांग्रेस में हिम्मत है तो भामाशाह योजना बंद करके दिखाए.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भामाशाह स्वास्थ्य योजना को राज्य का बड़ा घोटाला बताते रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा है कि दोनों को मिलाजुलाकर आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना बनाया जाएगा, ताकि राज्य में कोई भी व्यक्ति इस योजना से बाहर नहीं जा सके. जो लोग भामाशाह स्वास्थ्य योजना का लाभ ले रहे हैं उन सभी लोगों को आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना में जगह मिलेगी.


राजस्थान में आयुष्मान भारत योजना अगले महीने एक सितम्बर से लागू होगी. राज्य की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ एकीकरण के बाद अब योजना का नाम ‘आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना' होगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश में स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ जाएगी साथ ही उन्हें और अधिक बीमारियों के इलाज की सुविधा मिल सकेगी.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ देने के लिए प्रतिबद्ध है और आयुष्मान भारत के साथ राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना का एकीकरण इसी दिशा में उठाया गया कदम है.

बयान के अनुसार, गहलोत ने कहा कि नई योजना के बाद प्रदेश में लाभार्थी परिवारों की संख्या वर्तमान में संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लगभग एक करोड़ परिवारों से बढ़कर एक करोड़ 10 लाख से अधिक हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि भामाशाह योजना में कई गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिनको दूर करने के लिए नई योजना में समुचित व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए आईटी के बेहतर उपयोग के साथ-साथ, संबंधित अस्पतालों और बीमा कम्पनी के कर्मियों सहित दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के प्रावधान प्रस्तावित किए जाएंगे.

बैठक में चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे.

No comments

Post a Comment