Rajasthan GK In Hindi 2018: Rajasthan gk in hindi pdf

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 Rajasthan GK In Hindi 2018: Rajasthan gk in hindi pdf Rajasthan GK Notes in Hindi & English {Important for 1st Grade Lecturer exams i.e. 1st grade school lecturer, 2nd grade teacher exam 2018
01. जयपुर को पिंकसिटी का नाम किस पुस्तक में दिया गया ?
Ans : द रॉयल टाउन ऑफ इण्डिया✔
👉व्याख्या :- 'द रॉयल टाउन ऑफ इण्डिया' पुस्तक के लेखक श्री स्टेण्डरी है । जब 1922 में आमेर के महाराजा मानसिंह द्वितीय के समय ब्रिटिश राजकुमार प्रिंस ऑफ वेल्स भारत आए थे । इस यात्रा का वृतांत श्री स्टेण्डरी ने इस पुस्तक में किया है । इस पुस्तक में पहली बार जयपुर को पिंकसिटी का नाम दिया गया।

02. बीकानेर के पहले शासक जिन्होंने मुगल अधीनता स्वीकार कर वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किए ?
Ans : राव कल्याणमल✔
👉व्याख्या :- राव मालदेव की पराजय के बाद सन 1544 ई. में राव कल्याणमल बीकानेर के शासक बने, जिन्होंने अपने छोटे पुत्र पृथ्वीराज, जो उच्च कोटि का कवि था, को अकबर की सेवा में छोड़ दिया, इसी पृथ्वीराज ने 'बेलीकृष्ण रुक्मणी री' काव्य की रचना की।

03. 'ट्रैवल्स इन वेस्टर्न इण्डिया' नामक ग्रन्थ का सम्बन्ध किससे है ?
👉व्याख्या :- कर्नल जेम्स टॉड का जन्म 20 मार्च, 1782 ई. को इंग्लैण्ड में हुआ । टॉड ने 'एनाल्स एण्ड एन्टीक्विटीज ऑफ राजस्थान' और 'ट्रैवल्स इन वेस्टर्न इण्डिया' नामक ग्रन्थ रचे थे।
👉 'एनाल्स' दो भागों से विभाजित है इसके प्रथम भाग का प्रकाशन 1829 ई. में और द्वितीय भाग का प्रकाशन 1832 ई. में हुआ । 'एनाल्स' को 'सेन्ट्रल एण्ड वेस्टर्न राजपूत स्टेट्स ऑफ इण्डिया' के नाम से भी जाना जाता है । कर्नल जेम्स टॉड के ग्रन्थ 'एनाल्स' के आधार पर ही इन्हे 'राजस्थान के इतिहास का पिता' कहा जाता है।
👉 एनाल्स के प्रथम भाग का हिन्दी अनुवाद पण्डित बलदेव प्रसाद मिश्र और दूसरे भाग का अनुवाद पण्डित ज्वाल प्रसाद मिश्र और मुंशी देवी प्रसाद के द्वारा किया गया है।
👉 17 नवम्बर, 1835 ई. में कर्नल जेम्स टॉड की मृत्यु हुई । उसकी मृत्यु के उपरान्त उसके 'दूसरे ग्रन्थ ट्रेवल्स इन वेस्टर्न इण्डिया' का प्रकाशन 1839 ई. में हुआ।
04. प्रताप की सेना का पठान सेनानायक था-
Ans : हकीम खाँ सूरी✔
👉व्याख्या :- हल्दी घाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना में भीलसेना का नेतृत्व पूंजा भील द्वारा किया गया था । इस युद्ध को अपनी आँखों से देखने वाला प्रसिद्ध लेखक बदायुनी था । प्रताप की सेना में एकमात्र मुस्लिम सेनापति हकीम ख़ाँ सूरी था जिसने युद्ध का नेतृत्व किया था । हल्दीघाटी के युद्ध को कर्नल जेम्स टॉड ने 'मेवाड़ की थर्मोपॉली कहा', अबुल फजल ने 'खमनौर का युद्ध' और बदायुनी ने 'गोगुन्दा का युद्ध' कहा।

05. 'चँवरी' कर था ?
Ans : पुत्री के विवाह पर कर✔
👉व्याख्या :- सन 1903 में राव कृष्णसिंह ने ऊपरमाल ( बिजौलियाँ ) की जनता पर चँवरी कर लगाया था । चँवरी कर लड़की की शादी पर लगाया गया कर था । जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पुत्री के विवाह के उपलक्ष में 5 रुपये ठिकाने को देने पड़ते थे।

06. राणा सांगा ने किस युद्ध में बाबर की सेना को हराया ?
Ans : बयाना✔
👉व्याख्या :- 16 फरवरी, 1527 को राणा सांगा ने बाबर की सेना को हराकर बयाना दुर्ग पर  कब्जा कर लिया । बाबर ने हार का बदला लेने के लिए राणा सांगा पर पुनः आक्रमण करने हेतु कूच किया।  बयान की विजय के बाद राणा सांगा ने सीकरी जाने का सीधा मार्ग छोड़कर भुसावर होकर सीकर जाने का मार्ग पकड़ा । वह भुसावर में लगभग एक माह ठहरा रहा । इससे बाबर को खानवा के मैदान में उपयुक्त स्थान पर पड़ाव डालने और उचित सैन्य संचालन का समय मिल गया था और 17 मार्च, 1527 को हुए खानवा के युद्ध में बाबर ने राणा सांगा को हरा दिया था।
07. ट्रेंच कमीशन सम्बन्धित है -
Ans : बेंगू किसान आन्दोलन✔
👉व्याख्या :- बेंगू किसान आन्दोलन 1921 ई. में मैनाल ( चितौड़ ) से रामनारायण चौधरी द्वारा प्रारम्भ किया गया । यहाँ के जागीरदार राव अनूपसिंह थे । ट्रेंच आयोग का गठन 21 सूत्री कार्यक्रम पर आधारित था जिसका घोर विरोध 13 जुलाई, 1923 ई. को गोविंदपुरा गाँव में रूपाजी एवं कृपाजी नामक किसान नेताओं द्वारा किया गया । कालान्तर में कमिश्नर ट्रैंच ने गोलीकाण्ड किया जिसमें रूपाजी और कृपाजी शहीद हो गये और बहुत से स्त्री - पुरुष और बच्चे भी मारे गये । इस घटना को महात्मा गांधी ने 'बोल्शेविक क्रांति' का नाम दिया।

08. मेवाड़ के महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को किस युद्ध में परास्त किया ?
Ans : खातोली का युद्ध✔
👉व्याख्या :- लोदी 22 नवम्बर, 1517 को दिल्ली के तख़्त पर आसीन हुआ राणा सांगा ने पूर्वी राजस्थान के उन क्षेत्रों को जो दिल्ली सल्तनत के अधीन थे, जीतकर अपने राज्य में मिला लिया था । इससे इब्राहिम लोदी ने क्रुद्ध होकर सांगा को सबक सिखाने के लिये मेवाड़ पर आक्रमण किया व दोनों के मध्य 1517 में हाड़ौती सीमा पर ( बूँदी के निकट ) खतौली का युद्ध हुआ । इस युद्ध में इब्राहिम लोदी की पराजय हुई । इब्राहिम लोदी ने अपनी पराजय का बदला लेने के लिये मियां मक्खन के नेतृत्व में शाही सेना राणा सांगा के विरुद्ध भेजी । इस युद्ध में शाही सेना को बाड़ी ( धौलपुर ) के युद्ध में ( 1519 ई. ) राणा सांगा ने बुरी तरह पराजित किया।

09. मेवाड़ के किस महाराणा ने संगीत पर ग्रन्थ लिखा ?
Ans : महाराणा कुम्भा✔
👉व्याख्या :- राणा कुम्भा को संगीत सम्राट के नाम से जाना जाता है । 'संगीत रत्नाकर' कुम्भा के द्वारा लिखित विख्यात ग्रन्थ है । इसके अतिरिक्त कुम्भा द्वारा रचित ग्रन्थ संगीत राज, संगीत मीमांसा, रसिक प्रिया, सुड़ प्रबन्ध, कामराज रतिसार, सुधा प्रबन्ध आदि ग्रन्थ है।

10. किस चौहान शासक ने 'रायपिथौरा' की उपाधि धारण की ?
Ans : पृथ्वीराज चौहान✔
👉व्याख्या :- चौहान वंश के अंतिम प्रतापी शासक पृथ्वीराज चौहान का जन्म 1166 ई. में अजमेर के चौहान शासक सोमेश्वर की रानी कर्पूरी देवी की कोख से अन्हिलपाटन ( गुजरात ) में हुआ । अपने पिता की मृत्यु हो जाने के कारण मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में ही रिथ्वीराज चौहान अजमेर की गद्दी का स्वामी बना।
पृथ्वीराज चौहान को 'दलपुंगव' ( विश्व विजेता ) भी कहा जाता है ।
पृथ्वीराज चौहान ने 'रायपिथौरा' की उपाधि धारण की।

11. मानमोरी शिलालेख का सम्बन्ध किस जिले से है ?
Ans : चितौड़गढ़✔
👉व्याख्या :- मानसरोवर झील ( चितौड़गढ़ ) के तट पर एक स्तंभ पर उत्कीर्ण मानमोरी शिलालेख में अमृत मंथन एवं उसके संबध में चार राजाओ यथा - महेश्वर, भीम, भोज एवं मान का उल्लेख है । यह अभिलेख कर्नल जेम्स टॉड द्वारा इंग्लैण्ड ले जाते समय समुन्द्र में फेंक दिया गया था। कर्नल जेम्स टॉड को घोड़े वाले बाबा के नाम से जाना जाता है।

12. किस शिलालेख में भीलों के सामाजिक जीवन पर प्रकाश डाला गया है?
Ans : श्रृंगी ऋषि✔
👉व्याख्या :- श्रृंगी ऋषि शिलालेख - 1428 ई. : यह लेख एकलिंगजी से 6 महल दूर श्रृंगी ऋषि नामक स्थान पर संस्कृत भाषा में लिखा हुआ है । इस लेख में मेवाड़ के महाराणाओं - हम्मीर, क्षेत्रसिंह, लक्षसिंह और मोकल की उपलब्धियों की जानकारी मिलती है । इस लेख से भीलो के सामाजिक जीवन पर प्रकाश पड़ता है।

Rajasthan GK In Hindi 2018

13. गधिया सिक्कों का प्रचलन किस राज्य में था ?
Ans : जोधपुर✔
Ans : जयपुर✔
👉व्याख्या :-
गधिया सिक्के    :  जोधपुर, जयपुर
विजयशाही, भीमशाही  :  जोधपुर
उदयशाही    :   डूंगरपुर
गुमानशाही    :   कोटा
झाड़शाही     :   जयपुर
गजशाही     :    बीकानेर
स्वरूपशाही  :  मेवाड़
आलमशाही  :  प्रतापगढ
सालिमशाही  :  बाँसवाड़ा

14. मेवाड़ के किस शासक का नाम कालभोज था ?
Ans : बप्पा रावल✔
👉व्याख्या :- महेन्द्र द्वितीय का पुत्र बप्पा रावल मेवाड़ का प्रतापी राजा हुआ । इनका मूल नाम कालभोज था । बप्पा रावल के इष्ट देव एकलिंगजी थे । बप्पा ने हारीत ऋषि के आशीर्वाद से सन 734 ई. में मौर्य राजा मान से चितौड़ दुर्ग जीता । उस समय गुहिलों की राजधानी नागदा ही रही । बप्पा रावल का देहांत नागदा में हुआ । एकलिंगजी ( कैलाशपुरी ) के निकट समाधी स्थल बप्पा रावल नाम से प्रसिद्ध है।

15. खातोली का युद्ध किनके मध्य हुआ ?
Ans : इब्राहिम लोदी व राणा सांगा✔
👉व्याख्या :- खातोली का युद्ध 1517 ई. : यह युद्ध बूंदी के निकट खातोली नामक स्थान पर इब्राहिम लोदी व महाराणा सांगा के बीच हुआ । इस युद्ध में इब्राहिम लोदी की पराजय हुई।
16. ताम्रवती नगरी के नाम से प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल है ?
Ans : आहड़✔
👉व्याख्या :- 10-11 वीं सदी में अघाटपुर नाम से प्रसिद्ध इस पुरातात्विक स्थल का सर्वप्रथम लघु स्तर पर उत्खनन 1950 अक्षय कीर्ति व्यास ने करवाया था । आहड़ को धुलकोट के नाम से भी जाना जाता है।

17. मुगल काल में नील उत्पादन का सबसे प्रसिद्ध क्षेत्र था -
Ans : बयाना✔
👉व्याख्या :- राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित बयाना मुगल काल में नील की खेती के लिए प्रसिद्ध था । बयाना की नील यहाँ से इराक व इटली तक भेजी जाती थी।

18. कवि राजा श्यामलदास को 'केसर - ए - हिन्द' की उपाधि से किसने सम्मानित किया ?
Ans : ब्रिटिश सरकार ने✔
👉व्याख्या :- कवि श्यामलदास का जन्म छलीवाड़ा ( भीलवाड़ा ) में 1838 ई. में हुआ । श्यामलदास को मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा शम्भूसिंह ने उदयपुर राज्य का इतिहास लिखने के लिये आमंत्रित किया । मेवाड़ महाराणा फतहसिंह ने इस ग्रन्थ के प्रचलन पर रोक लगा दी थी । भारत की ब्रिटिश सरकार ने श्यामलदास को केसर ए हिन्द की उपाधि से व महाराणा शम्भूसिंह को 'कविराजा' की उपाधि से विभूषित किया।

19. राजस्थान का एकमात्र पुरातात्विक स्थल जहाँ से सूती वस्त्र के अवशेष प्राप्त हुए है ?
Ans : बैराठ✔
👉व्याख्या :- प्राचीन समय में मत्स्य जनपद की राजधानी के नाम से प्रसिद्ध इस स्थल के निकट स्थित बीजक की पहाड़ी व भीमजी की डूंगरी आदि स्थानों से पूर्व मौर्यकालीन सभ्यताओं के अवशेष के रूप में सूती कपड़े में बंधी मुद्राएँ व पंचमार्का सिक्के मिले है। बीजक की पहाड़ी से ही अशोक के काल के गोल बौद्ध मन्दिर, स्तूप व बौद्ध मठ के अवशेष प्राप्त हुए है । मौर्यकालीन अन्य अवशेषों में नोह - भरतपुर से यक्ष जारव बाबा की मूर्ति, नाँद ( पुष्कर ) से कुषाणकालीन शिवलिंग व रेेढ़ ( टोंक ) से गंजमुखी यक्ष प्रतिमा प्राप्त हुई है।

20. 1857 की क्रान्ति के समय कोटा में जनविद्रोह का नेतृत्व किसने किया ?
Ans : जयदयाल भटनागर✔
👉व्याख्या :- जयदयाल भटनागर का जन्म अप्रैल, 1812 को कामा ( भरतपुर ) में हुआ। ये कोटा महाराव के वकील थे । इन्होंने 1857 की क्रान्ति के समय मेहराब खान के साथ क्रान्ति का सूत्रपात किया ।

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