General Knowledge GK objective type Questions in Hindi

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General Knowledge GK objective type Questions in Hindi GK in Hindi (Samanya Gyan). GK in Hindi (Samanya Gyan) in Hindi for exam preparation 2017
1.राम स्नेही संप्रदाय के प्रवर्तक कौन थे?
(क)संत रामचरणजी
(ख) संत दरियावजी
(ग) वल्लभाचार्य
(घ) नाथमुनि
2.चूरू,झुंझुनू, सीकर में इस्तेमाल की जाने वाली बोली को क्या कहते हैं?
(क)देवड़ावाटी
(ख) ढूंढाड़ी
(ग) मेवाती
(घ) शेखावाटी
3.राजस्थान के निर्माण के समय राज्य का सबसे छोटा जिला कौनसा था?
(क)डूंगरपुर
(ख) बूंदी
(ग) भीलवाड़ा
(घ) जयपुर
4.कौनसा राज्य सबसे अधिक राज्यों की सीमा से लगा है?
(क)उत्तर प्रदेश
(ख) राजस्थान
(ग) तमिलनाडु
(घ) पंजाब
5.निम्न में से कौनसी झील कर्नाटक में नहीं है?
(क)बेलंदूर झील
(ख) उमियम झील
(ग) शांति सागर
(घ) उलसूर (हलासुरु)
6.किस लोक देवता के भक्तों (मेघवाल भक्त) को रिखिया कहते हैं?
(क)तेजाजी
(ख) देव नारायणजी
(ग) बाबा रामदेव
(घ) कल्लाजी
7.उदयपुर चित्तौड़गढ़ क्षेत्र को प्राचीन काल में किस नाम से जानते थे?
(क)मालव देश
(ख) मालाणी
(ग) मत्स्य क्षेत्र
(घ) प्राग्वाट
8.राजस्थान में राठौड़ों की कुल देवी कौन है?
(क)बाणमाता
(ख) महोदरी माता
(ग) नागणेची
(घ) शाकंभरी माता
9.निम्न में से किस शब्द का अर्थ 'आवश्यक' नहीं है?
(क)अनिवार्य
(ख) अपरिहार्य
(ग) सज्जन
(घ) जरूरी
10.कोसोवो रिपब्लिकन आजादी से पहले किस देश के अधीन था?
(क)फ्रांस
(ख) ब्रिटेन
(ग) स्पेन
(घ) सर्बिया

Ans : 5 (ख)  6 (ग) 10 (घ)  9 (ग) 4 (क)8 (ग) 3 (क) 7 (घ) 2 (घ) 1 (क)

General Knowledge GK objective type Questions in Hindi भारतीय राजव्यवस्था

General Knowledge GK objective type Questions in Hindi
प्रश्न 1. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा स्वीकृत की जाने वाली मानवाधिकार उल्लंघन संबंधी याचिकाओं की प्रकृति क्या है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर सामान्यतःआयोग द्वारा स्वीकृत की जाने वाली मानवाधिकारों उल्लंघन संबंधी याचिकाओं की प्रकृति निम्न प्रकार हैः-
1. घटना शिकायत करने से एक वर्ष से अधिक समय पूर्व घटित होने लगी है।
2. शिकायत अर्द्ध-न्यायिक प्रकार की होनी चाहिए।
3. शिकायत अनिश्चित, अज्ञात अथवा छद्म नाम से होनी चाहिए।
4. शिकायत तुच्छ प्रकृति की नहीं होनी चाहिए।
5. आयोग के विस्तार से बाहर की शिकायतें नहीं होनी चाहिए।
6. उपभोक्ता सेवाओं तथा प्रशासनिक नियुक्तियों से संबंधित मामले।
सशस्त्र बलों द्वारा मानवाधिकारांे के उल्लघंन संबंधी शिकायतों के मामलों में आयोग स्वयं अपने संज्ञान पर अथवा किसी प्राप्त याचिका के अधिकार पर सरकार के मामले के संबंध में रिपोर्ट मांग सकता है। रिपोर्ट की प्राप्ति के पश्चात सरकार की सिफारिशों के अनुरूप आयोग शिकायत पर कार्यवाही रोक सकता है तथा संघीय सरकार द्वारा उक्त मामले के संदर्भ में की गई कार्यवाही से आयोग को 3 माह अथवा आयोग द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर अवगत कराना अनिवार्य है।

प्रश्न2. 'समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने' के समक्ष चुनौतियां कौन-कौनसी हंै?
उत्तर राज्यके नीति-निर्देशक तत्वों के अन्तर्गत अनुच्छेद-39(घ) बताता है कि समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करना, राज्य का कर्त्तव्य है। साथ ही संविधान की प्रस्तावना (समस्त नागरिकों को प्रतिष्ठा एवं अवसर की समता), अनुच्छेद-14 (विधि की समता), अनुच्छेद-16 (लोक नियोजन में अवसर की समता), अनुच्छेद-43 (कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि) जैसे प्रावधान समान कार्य के लिए समान व्याख्या करते हंै।
किन्तु समान कार्य के मानकों का निर्धारण, कुशल, अकुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की श्रेणियां उनके स्वरूप एवं कार्य की प्रकृति के आधार पर वेतन का मानकीकरण, प्रत्येक राज्य की विशिष्ट आर्थिक स्थिति, क्षमता एवं आवश्यकता तथा निजी क्षेत्रों के कामगारों से संबंधित प्रावधान तय करने में विधिक एवं व्यावहारिक समस्याएं आदि समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने के समक्ष चुनौतियां है।

प्रश्न3. नीति आयोग द्वारा प्रस्तुत स्वास्थ्य सूचकांक।
उत्तर केन्द्रसरकार के थिंक टैंक नीति आयोग द्वारा जारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदर्शन पर आधारित इस सूचकांक का उद्देश्य राज्यों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं करना और डाटा संग्रहण प्रणालियों का उन्नयन करने के लिए प्रेरित करना है इस सूचकांक से नवजात शिशु मृत्युदर, लिंगानुपात, जन्म दर और मृत्युदर के आंकड़ों के आधार पर राज्यों को रैंकिंग दी जाएगी जिससे यह मूल्यांकन हो सकेगा कि कौनसा राज्य किस क्षेत्र मंे पीछे है। इसके लिए नीति आयोग एक वेबसाइट शुरू करने जा रहा है जिसमें ऐसा प्रारूप पहले से तैयार होगा और केवल आंकड़े डालने होंगे।
यह सूचकांक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर पेश किया गया है। इस सूचकंाक को शिक्षाविदों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राज्यों से ली गई जानकारी के अनुसार विकसित किया गया है।

प्रश्न4. मंत्रि मंडल के कार्य एवं शक्तियांे का उल्लेख कीजिए।
उत्तर मंत्रिमंडलके प्रमुख कार्य निम्न हैं:-
1. राष्ट्रीयनीतियों का निर्धारण -मंत्रिमंडल द्वारा नीति निर्धारित करने के बाद संबद्ध विभागों के द्वारा इस नीति के आधार पर विधेयक संसद में प्रस्तुत किए जाते हैं।
2. विधिनिर्माण में संसद का नेतृत्व करना- दोनोंसदनों के अध्यक्ष मंत्रिमंडल के परामर्श ही सदन की कार्य-सूची तय करते हैं। मंत्रिमंडल के सदस्य विभिन्न विभागों के अध्यक्ष होते हैं। वे अपने विभागों का संचालन और उनके कार्यों की देखभाल करते हंै।
3. लोकसभाके विघटन की शक्ति- कानूनीतौर पर लोकसभा को भंग करने का अधिकार राष्ट्रपति को है परन्तु राष्ट्रपति अपनी इस शक्ति का प्रयोग मंत्रिमंडल की सलाह पर ही करता है।
4. वित्तीयकार्य- बजटका निर्माण, नए कर लगाना तथा पुराने करों की दरों में हेर-फेर करना मंत्रिमंडल के प्रमुख
कार्य हैं। मंत्रिमंडल की सहमति के बाद ही वित्त मंत्री  बजटलोकसभा में प्रस्तुत करता है।
5. नियुक्तिसंबंधी कार्य - राज्योंके राज्यपाल, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश,
महाधिवक्ता, महालेखा परीक्षक और सेना के प्रमुखों की नियुक्ति मंत्रिमंडल के परामर्श से की जाती है।

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