Rajasthan GK : Rivers of Rajasthan राजस्थान की प्रमुख नदियाँ

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Rajasthan GK : Rivers of Rajasthan राजस्थान की प्रमुख नदियाँ Rajasthan GK in Hindi Objective Questions Main Rivers of Rajasthan rajasthan river short trick 2016-2017

Rajasthan GK : Rivers of Rajasthan राजस्थान की प्रमुख नदियाँ राजस्थान की नदियां
राजस्थान का अधिकांश भाग रेगिस्तानी है अतः वहां नदीयों का विशेष महत्व है। पश्चिम भाग में सिचाई के साधनों का अभाव है परिणाम स्वरूप यहां नदीयों का महत्व ओर भी बढ़ जाता है। प्राचीन समय से ही नदियों का विशेष महत्व रहा |राजस्थान में महान जलविभाजक रेखा का कार्य अरावली पर्वत माला द्वारा किया जाता है। अरावली पर्वत के पूर्व न पश्चिम में नदियों का प्रवाह है और उनका उद्गम "अरावली" पर्वत माला है।
1.चम्बल नदी(चर्मण्वती,नित्यवाही,सदानिरा,कामधेनू)

राजस्थान की सबसे अधिक लम्बी नदी चम्बल नदी का उद्गम मध्य-प्रदेश में महु जिले में स्थित जानापाव की पहाडि़यों से होता है। यह नदी दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुई राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले मे चैरासीगढ़ नामक स्थान पर प्रवेश करती है और कोटा व बंूदी जिलों में होकर बहती हुई सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, जिलों में राजस्थान व मध्य-प्रदेश के मध्य सीमा बनाती है। यह नदी मध्यप्रदेश के 4 जिलों महु, मंन्दसौर, उज्जैन और रतलाम से होकर बहती है।

Q.1. किस नदी को प्राचीन सरस्वती के नाम से भी जाना जाता है।
उत्तर:- घग्घर नदी को


Q .2.गैव सागर स्थित है ?
उत्तर:- डूंगरपुर

Q .3.पांचना बांध स्थित है ?(RPSC II Gr. 10)
उत्तर:- करौली जिले में

Q .4.बनास नदी का उदगम स्थल है ?
उत्तर:- खमनोर (राजसमन्द)

Q .5.लूनी नदी का जल किस स्थान के बाद खारा होता है ?(RPSC III Gr.)उत्तर:- बालोतरा (बाडमेर)
Q .6.भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील कोनसी है ?
उत्तर:- सांभर

Q .7.राजस्थान के किन जिलो में कोई नदी नही बहती है ?
उत्तर:- चुरू और बीकानेर

Q .8.राजस्थान की मरूगंगा और जीवन रेखा किसे कहा जाता है ?
उत्तर:- इंदिरा गाँधी नहर

Q .9.मीठे पानी की एशिया की सबसे बड़ी झील कोनसी है ?
उत्तर:- जयसमंद

Q .10.राजस्थान की सबसे सबसे ऊंची झील कोनसी है ?
उत्तर:- नक्की झील

Q .11.माही-बजाज सागर परियोजना का फैलाव किस क्षेत्र में है?उत्तर:- राजस्थान तथा मध्य प्रदेश

Q .12.बाणगंगा राजस्थान के किन तीन जिलों में बहती है ?
उत्तर:- जयपुर, दौसा एवं भरतपुर

Q .13.पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लम्बी नदी कोनसी है ?
उत्तर:- बनास

Q .14.चम्बल नदी राजस्थान में किस स्थान से प्रवेश करती है।
उत्तर:- चौरासीगढ़ (चित्तौड़)


Q .15.बीसलपुर बांध किस नदी पर स्थित है (RPSC II Gr. 10)
उत्तर:- बनास नदी पर

Q .16.भारत की एकमात्र अन्तर्वाही नदी हैं ?
उत्तर:- लूनी नदी

Q .17.हिमालय पर्वत की नदियों की विशेषता है - (RPSC II Gr. 10)
उत्तर:- वर्ष भर बहती है

Q .18. घडियालों की शरण स्थली किसे कहा जाता है ?
उत्तर:- चम्बल को

Q .19. कर्क रेखा को दो बार पार करने वाली नदी कोनसी है ?
उत्तर:- माही

Q .20. वागल व कान्ठल की गंगा किस नदी को कहा जाता है ?
उत्तर:- माही

Q .21. राजस्थान की बारहमासी नदियाँ कोनसी है ?
उत्तर:- चम्बल और माही

Q .22. सबसे अधिक नदियाँ किस संभाग में पाई जाती है ?
उत्तर:- कोटा

Q .23. मांडलगढ़ के पास कौनसी तीन नदियाँ त्रिवणी संगम बनाती है ?(RPSC II Gr. 10)
उत्तर:- बनास, बेडच, और मेनाल नदियाँ

Q .24. राजस्थान में मिटटी का सर्वाधिक अवनालिका अपरदन करने वाली नदी कोनसी है ?
उत्तर:- चम्बल

Q .25. दक्षिणी राजस्थान की स्वर्ण रेखा किस नदी को कहा जाता है ?
उत्तर:- माही
राजस्थान की एकमात्र नदी जो अ्रन्तर्राज्यीय सीमा का निर्माण करती है- चम्बल नदी है। अन्त में उत्तर-प्रदेश के इटावा जिले में मुरादगंज नामक स्थान पर यमुना नदी में विलीन हो जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई - 966 कि.मी. है जबकि राजस्थान में यह 135 कि.मी बहती है।यह 250 कि.मी. लम्बी राजस्थान की मध्यप्रदेश के साथ अन्र्तराज्जीय सीमा बनाती है। यह भारत की एकमात्र नदी है जो दक्षिण दिशा से उत्तर की ओर बहती है। राजस्थान और मध्य-प्रदेश के मध्य चम्बल नदी पर चम्बल घाटी परियोजना बनाई गयी है और इस परियोजना में चार बांध भी बनाए गये है।

    गांधी सागर बांध (म.प्र.)
    राणा प्रताप सागर बांध (चितौड़,राज.)
    जवाहर सागर बांध (कोटा,राज.)
    कोटा सिचाई बांध (कोटा, राज.)

सहायक नदियां : पार्वती, कालीसिंध, बनास, बामनी, पुराई

चम्बल नदी में जब बामनी नदी (भैसरोड़गढ़ में) आकर मिलती है तो चितौड़गढ़ में यह चूलिया जल प्रपात बनाती है, जो कि राजस्थान का सबसे ऊंचा जल प्रपात (18 मीटर ऊंचा) बनाती है। चितौड़गढ़ में भैसरोडगढ़ के पास चम्बल नदी में बामनी नदी आकर मिलती है। समीप ही रावतभाटा परमाणु बिजली घर है कनाडा के सहयोग से स्थापित 1965 में इसका निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ।

रामेश्वरम:- राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में चम्बल नदी में बनास व सीप नदियां आकर मिलती है और त्रिवेणी संगम बनाती है।
डांग क्षेत्र

चम्बल नदी के बहाव क्षेत्र में गहरी गढ़े युक्त भूमि जहां वन क्षेत्रों /वृक्षों की अधिकता है। 30-35 वर्ष पूर्व ये बिहार डाकूओं की शरणस्थली थे इन क्षेत्रों को डांग क्षेत्र कहा जाता है इन्हे 'दस्यू' प्रभावित क्षेत्र भी कहा जाता है।

सर्वाधिक अवनालिक अपवरदन इसी नदी का होता है। चम्बल नदी में स्तनपायी जीव 'गांगेय' सूस पाया जाता है।
काली सिंध

यह नदी मध्यप्रदेश के बांगली गांव(देवास) से निकलती है।देवास, शाजापुर, राजगढ़ मे होती हुई झालावाड के रायपुर में राजस्थान में प्रवेश करती है। झालावाड कोटा में बहती हुई कोटा के नानेरा में यह चम्बल में मिल जाती है। आहु, परवन, निवाज, उजाड सहायक नदियां है।इस नदी पर कोटा में हरिशचन्द्र बांध बना है।

1 comment

  1. जय न्यूटन विज्ञान के आगर, गति खोजत ते भरि गये सागर ।
    ग्राहम् बेल फोन के दाता, जनसंचार के भाग्य विधाता ।
    बल्ब प्रकाश खोज करि लीन्हा, मित्र एडीशन परम प्रवीना ।
    बायल और चाल्स ने जाना, ताप दाब सम्बन्ध पुराना ।
    नाभिक खोजि परम गतिशीला, रदरफोर्ड हैं अतिगुणशीला ।
    खोज करत जब थके टामसन, तबहिं भये इलेक्ट्रान के दर्शन ।
    जबहिं देखि न्यट्रोन को पाए, जेम्स चैडविक अति हरषाये ।
    भेद रेडियम करत बखाना, मैडम क्यूरी परम सुजाना ।
    बने कार्बनिक दैव शक्ति से, बर्जीलियस के शुद्ध कथन से ।
    बनी यूरिया जब वोहलर से, सभी कार्बनिक जन्म यहीं से ।
    जान डाल्टन के गूँजे स्वर, आशिंक दाब के योग बराबर ।
    जय जय जय द्विचक्रवाहिनी, मैकमिलन की भुजा दाहिनी ।
    सिलने हेतु शक्ति के दाता, एलियास हैं भाग्यविधाता ।
    सत्य कहूँ यह सुन्दर वचना, ल्यूवेन हुक की है यह रचना ।
    कोटि सहस्र गुना सब दीखे, सूक्ष्म बाल भी दण्ड सरीखे ।
    देखहिं देखि कार्क के अन्दर, खोज कोशिका है अति सुन्दर ।
    काया की जिससे भयी रचना, राबर्ट हुक का था यह सपना ।
    टेलिस्कोप का नाम है प्यारा, मुट्ठी में ब्रम्हाण्ड है सारा ।
    गैलिलियो ने ऐसा जाना, अविष्कार परम पुराना ।
    विद्युत है चुम्बक की दाता, सुंदर कथन मनहिं हर्षाता ।
    पर चुम्बक से विद्युत आई, ओर्स्टेड की कठिन कमाई ।
    ओम नियम की कथा सुहाती, धारा विभव है समानुपाती ।
    एहि सन् उद्गगम करै विरोधा, लेन्ज नियम अति परम प्रबोधा ।
    चुम्बक विद्युत देखि प्रसंगा, फैराडे मन उदित तरंगा ।
    धारा उद्गगम फिरि मन मोहे, मान निगेटिव फ्लक्स के होवे ।
    जय जगदीश सबहिं को साजे, वायरलेस अब हस्त बिराजै ।
    अलेक्जेंडर फ्लेमिंग आए, पैसिंलिन से घाव भराये ।
    आनुवांशिकी का यह दान, कर लो मेण्डल का सम्मान ।
    डा रागंजन सुनहु प्रसंगा, एक्स किरण की उज्ज्वल गंगा ।

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