WHO ने चेताया RO का पानी बन सकता है मौत का कारण

@प्रदूषित पानीसे बचने के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) का इस्तेमाल होता है हानिकारक @एशिया,यूरोपके कई... thumbnail 1 summary
@प्रदूषित पानीसे बचने के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) का इस्तेमाल होता है हानिकारक

@एशिया,यूरोपके कई देश आरओ पर पूर्ण तौर पर लगा चुके हैं प्रतिबंध


दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं की ओर से की गई शोध के बाद वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने चेताया है कि रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) का पानी लगातार सेवन करना मौत का कारण बन सकता है। वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आरओ प्रक्रिया पानी से बैक्टिरिया खत्म करने के साथ-साथ शरीर के लिए जरूरी खनिज कैल्शियम और मैग्नीशियम 92 से 99 प्रतिशत नष्ट कर देती है। इससे शरीर का विकास होने के बजाए उल्टा नुकसान होना शुरू हो जाता है। 

इसी कारण एशिया और यूरोप के कई देशों ने आरओ पर पूर्ण तौर पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि शोध से पता चला है कि आरओ का पानी लगातार सेवन करने पर हृदय संबंधी विकार, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन आदि गंभीर साइड इफेक्ट पाए गए हैं।

आरओकर देता है जरूरी मिनरल भी नष्ट: हड्डीरोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीप मदान का कहना है कि आरओ पानी के शरीर के लिए जरूरी मिनरल भी नष्ट कर देता है। शरीर को जरूरी मिनरल मिलने से गंभीर बीमारियां शरीर को घेर लेती हैं और मानव शरीर कोई भी काम करने में असहाय महसूस करने लगता है। उन्होंने बताया कि कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देने में अहम भूमिका अदा करता है। आरओ के पानी के लगातार सेवन से कैल्शियम और मैग्नीशियम नष्ट हो जाने से हड्डियां भी कमजोर पड़ने लग जाती हैं। उनका कहना है कि आरओ को छोड़ प्यूरीफाई पानी का इस्तेमाल कहीं लाभदायक है। उन्होंने बताया कि लुधियाना में ट्रेंड है कि महंगी से महंगी चीज खरीदी जाए, लेकिन लुधियानवी उसके नफा-नुकसान की परवाह नहीं करते।
क्लोरीनेशनकर पानी पीना फायदेमंद: पीएयूके माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. परमपाल सहोता का कहना है कि क्लोरीनेशन करके पानी पीना सबसे फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि मानव शरीर 500 तक टीडीएस आराम से सहन कर सकता है। लुधियाना में ज्यादातर इलाकों में पानी में टीडीएस की मात्रा 300 से अधिक नहीं है। उनका कहना है कि 20 लीटर पानी को क्लोरीनेशन करने में मात्र 1 से 1.50 रुपए का खर्च आता है। क्लोरीनेशन करने से पानी में मौजूद बैक्टिरिया तो खत्म हो जाता है, लेकिन मिनरल्स पर कोई असर नहीं पड़ता।फिल्टर के बाद बचा दूषित पानी  है वजह : हाल के एक सर्वे में पाया गया है कि बोतल बंद पानी जैसे औद्योगिक फर्म और घरों में आरओ फिल्टर के बाद बचा दूषित पदार्थ युक्त बेकार पानी भूजल के जलवाही स्तर में वापस डालने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है. बेकार पानी जलवाही स्तर पर पहुंचने से इनसानों और जानवरों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. सर्वे के मुताबिक बेकार पानी में सल्फेट, कैल्शियम, बाईकाबरेनेट्स जैसे पूरी तरह विघटित लवण और कार्बनिक पदार्थ तथा आर्सेनिक और फ्लोराइड उच्च मात्र में होते हैं.

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